बहादुरगढ़ आज तक, विनोद कुमार
स्थानीय ह्यूमन सोसायटी की एक विशेष बैठक कल सांय सोसायटी कार्यालय में आयोजित की गई। उपस्थित सदस्यों ने शुक्रवार को केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा पोक्सो एक्ट में संशोधन की मंजूरी की सराहना की जोकि जघन्य बाल यौन शोषण की रोकथाम की दिशा में बेहद अहम कदम है। अब बाल यौन शोषण के अपराधी को मृत्यु दण्ड दिया जाएगा । बकौल केन्द्रीय मत्री रविशंकर प्रसाद इस कुकृत्य के अपराधी की सजा को कड़ी करते हुए ही मृत्युदण्ड का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रीमण्डल की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। बाल पोनोग्राफी की बुराई से निपटने के लिए पोक्सो एक्ट 2012 की धारा -14 और धारा -15 में भी संशोधन का प्रस्ताव किया गया है । सोसायटी संरक्षक हरिओम प्रधान ने इस बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हालांकि यह फैसला बाल यौन शोषण की रोकथाम के लिए एक अच्छी पहल कही जा सकती है लेकिन अभी भी राह आसान नहीं है चंूकि इस सजा को दृढ़ता से लागू करना भी अत्यन्त आवश्यक है । उन्होंने कहा कि जिस तरह ह्यूमन सोसायटी इस अति संवेदनशील मुद्दे को लेकर प्रयासरत है तो इस पहल से हमें एक आशा की किरण नजर आती प्रतीत हो रही है । सोसायटी चेयरमैन भारत नागपाल ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि ह्यूमन सोसायटी इस फैसले का तहेहिल से स्वागत करती है चंूकि केन्द्र सरकार की इस कोशिश ने पोक्सो एक्ट की संरचना को बेहद मजबूती प्रदान की है और अब यह एक्ट एक सही दिशा की ओर अग्रसर होगा । सोसायटी अपने गठन से लेकर आज तक इस अपराध की रोकथाम को लेकर बेहद सक्रिय है और जिसके समय≤ पर राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम से सकारात्मक परिणाम भी आते रहे हैं। सोसायटी प्रवक्ता रमन शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सोसायटी की ओर से विभिन्न सेमिनार, जागरुकता अभियान एवं गोष्ठियों का आयोजन भी इस विषय को लेकर किया जाता रहा है जिसके अब सार्थक परिणाम आने लगे हैं और आम आदमी की सतर्कता भी बढ़ी है । यह फैसला इस बात का एस अच्छा संकेत है कि केन्द्र सरकार अब इस संगीन अपराध को लेकर बेहद चिन्तित है। केन्द्र सरकार के इस अहम फैसले से अपराधियों के हौंसले पस्त होंगे और इस तरह के अपराध पर लगाम लगेगी ।
आज की इस विशेष बैठक में सोसायटी चेयरमैन भारत नागपाल सहित हरिओम प्रधान, सुरेन्द्र फौजी, कमलेश बाल्याण, बबिता दहिया, संतोष संागवान, दीपक खट्टर, रमेश राठी, रमन शर्मा, विनीत अरोड़ा, विपिन अग्रवाल, नीरज बहोत, आकाश बिरला, सचिन दलाल आदि उपस्थित रहे और सभी ने इस जघन्य अपराध की रोकथाम को लेकर हर पल संघर्ष करते रहने का प्रण लिया और इस अहम फैसले को लेकर केन्द्रीय नेतृत्व की पीठ थपथपाई।